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उत्पत्ति
उत्पत्ति

2 मई, 1959 को सीएसआईआर के अन्तर्गत प्रथम विज्ञान संग्रहालय – बिड़ला औद्योगिकी एवं प्रौद्योगिकी संग्रहालय (बिऔप्रौसं) की शुरूआत हुई।  जुलाई 1965 में देश के दूसरे विज्ञान संग्रहालय विश्वेश्वरैया औद्योगिकी एवं प्रौद्योगिकी संग्रहालय (विऔप्रौसं) की शुरूआत बंगलोर में हुई।  कोलकाता और बंगलोर के बाद मुम्बई में तृतीय केन्द्र का कार्य 1974 में शुरू किया गया।  विज्ञान संग्रहालयों के माध्यम से विज्ञान और प्रौद्योगिकी की लोकप्रियता के कार्य की व्यापकता जब बढ़ने लगी तब केन्द्रीय योजना आयोग ने 1970 के प्रारंभ में विज्ञान संग्रहालयों के कार्यकलापों का मूल्यांकन करने के लिए एक कार्य बल गठित किया।  कार्य बल ने देश के विभिन्न भागों में राष्ट्रीय, राज्य एवं जिला स्तरीय विज्ञान संग्रहालयों तथा एक केन्द्रीय समन्वयकारी संस्था भी स्थापित करने की सिफारिश की ।  1978 में भारत सरकार द्वारा यह निर्णय लिया गया कि कोलकाता और बंगलोर में पहले से ही प्रचालित दो विज्ञान संग्रहालयों तथा मुम्बई में स्थापित किये जाने वाले केन्द्र को भी सीएसआईआर से अलग किया जाए तथा अप्रैल, 1978 को राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (रा.वि.सं.प.) के रूप में पंजीकृत नवगठित सोसाइटी के अन्तर्गत उन्हें रखा जाए। इस प्रकार रा.वि.सं.प. अस्तित्व में आया।

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