हम कौन हैं

हम कौन हैं

विज्ञान केन्द्रों / संग्रहालयों का विश्व का सबसे बड़ा व्यवस्थातंत्र (नेटवर्क)

Science Centres developed by NCSM

राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद द्वारा विकसित विज्ञान केंद्र

राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (रा वि सं प) संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत एक स्वायत संस्था है जिसकी स्थापना 4 अप्रैल 1978 को हुई थी। आज इसके अंतर्गत देशभर में 25 विज्ञान केंद्र/संग्रहालय/तारामंडल कार्यरत है। विज्ञान नगरी, कोलकाता, बिड़ला औद्योगिक एवं प्रौद्योगिक संग्रहालय, कोलकाता, नेहरू विज्ञान केंद्र, मुंबई, विश्वेश्वरैया औद्योगिकी एवं प्रौद्योगिकी संग्रहालय (विऔप्रौसं), बंगलोर और राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र, दिल्ली इसके राष्ट्रीय स्तर के केंद्र हैं। विज्ञान नगरी, कोलकाता को छोड़कर बाकी केन्द्रों के अंतर्गत क्षेत्रीय केंद्र एवं उप-क्षेत्रीय केंद्र/जिला स्तरीय केंद्र आते हैं जिन्हे ‘अनुचर ईकाई’ कहते है। केन्द्रीय योजना आयोग द्वारा 70 के दशक में गठित कार्य बल की संस्तुति के अनुसार, राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद ने राष्ट्र स्तरीय विज्ञान संग्रहालयों / केन्द्रों, क्षेत्रीय विज्ञान केन्द्रों और जिला विज्ञान केन्द्रों को क्रमश: महानगरों, राज्यों की राजधानियों और जिला मुख्यालयों में स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की।

वर्तमान में, रा.वि.सं.प. कोलकाता में अपने मुख्यालय के साथ पूरे देश में फैले 25 विज्ञान संगहालयों  / केन्द्रों तथा केन्द्रीय गवेषणा और प्रशिक्षण प्रयोगशाला (के.ग.प्र.प्र.), कोलकाता के प्रशासन और प्रबंधन की देख-रेख करता है। पेशेवर प्रशिक्षण, अनुसंधान और विकास के लिए के.ग.प्र.प्र. परिषद का मुख्य केन्द्र है । इसके अतिरिक्त रा.वि.सं.प. विभ्भिन राज्यों एवं केंद्र शाषित  प्रदेशों के लिए भी आग्रह प्राप्त होने पर विज्ञान केंद्र, संग्रहालय एवं तारामंडल विकसित करता है। रा.वि.सं.प. ने सरकारी संगठनों यथा ओ एन जी सी, बी ई एल, आई सी ए आर के लिए भी विज्ञान केंद्र/संग्रहालय विकसित किए हैं।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी मॉरीशस सरकार के लिए राजीव गांधी विज्ञान केंद्र, श्री लंका सरकार के लिए अन्तर्राष्ट्रीय बौद्ध संग्रहालय श्री डालाडा मालिगवा, कैंडी श्रीलंका में ‘बौद्धधर्म पर भारत दीर्घा’ इत्यादि विकसित की है। आज  रा.वि.सं.प. विश्व में विज्ञान केन्द्रों और संग्रहालयों का सबसे बड़ा व्यवस्था तंत्र (नेटवर्क) है। विज्ञान संग्रहालय/केंद्र विकसित करने के अलावा अपनी गतिमान विज्ञान प्रदर्शनी, व्याख्यान एवं प्रदर्शन, प्रशिक्षण एवं कार्यशाला, विभ्भिन प्रकाशन के माध्यम से भी विज्ञान का सम्प्रेषण करने के प्रयास करता है। रा.वि.सं.प. ने त्रिनिदाद और टोबागों, गुयाना, रूस, अमेरिका, भूटान, चीन, बांग्लादेश, बुल्गारिया, फ़्रांस इत्यादि देशों में भी विज्ञान से संबन्धित प्रदर्शनियाँ भेजी हैं। रा.वि.सं.प. की दक्षता की बढ़ती मांग को देखते हुए वर्ष 2011 में ‘क्रिएटिव म्यूज़ियम डिज़ाइनरस’ (सृजनशील संग्रहालय अभिकल्पक) नाम से एक अनुषंगी कंपनी की स्थापना की, जो विज्ञान संग्रहालयों/केन्द्रों के अतिरिक्त अन्य प्रकार के संग्रहालयों, दीर्घाओं इत्यादि का निर्माण करती है। वर्तमान में सी एम डी भारतीय रिजर्व बैंक के लिए एक संग्रहालय एवं गौरैया मठ, कोलकाता के लिए श्री चैतन्य महाप्रभु संग्रहालय पर कार्य कर रहा है।