ब्लॉग

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01Apr 2014

मशहूर शायर मिर्ज़ा ग़ालिब का एक शेर है- “रगों में दौड़ने, फिरने के हम नहीं कायल, जब आँख ही से न टपका, तो फिर लहू क्या है” किसी सामान्य व्यक्ति के लिए यह महज़ एक शेर हो सकता है, पर एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखने वाले व्यक्ति के लिए इसमें भी एक संदेश छुपा हुआ है। […]

02Sep 2013

आजकल टीवी पर अभिनेता सैफ अली खान का एक विज्ञापन आता है, जिसमें एक पिज्जा बॉय को पैसे देने के लिए उनके कहने भर से घर में ही लगी एक मशीन से पैसे उड़-उड़ कर निकलने लगते हैं। फिर एक टैग लाइन आती है-‘बड़े आराम से’। इस विज्ञापन को कुछ मज़ाकिया अंदाज़ मे पेश किया […]